[male vocals] ओह
हो,
सु
न
ना,
रा
हें
खु
लें
गी,
बस
तू
चल
ना।
सं
घर्
षों
के
दौ
र
में,
जब
रा
ह
धुं
धली
हो
जा
ए,
उम्
मी
द
की
मद्
धम
लौ
भी,
जब
टि
मटि
मा
के
सो
जा
ए,
तब
नि
रा
श
हो
कर
बै
ठना,
सही
जवा
ब
नहीं
हो
ता,
हर
एक
बं
द
दरवा
ज़े
के
पा
र,
एक
नया
ख़्
वा
ब
हो
ता
है।
उम्
मी
द
है
तो
जी
त
है,
ये
जा
न
ले
तू
भा
ई,
ते
री
मे
हनत
की
आग
ने,
नई
सु
बह
है
ला
ई,
उम्
मी
द
है
तो
जी
त
है,
तू
खु
द
पे
यकी
न
कर,
मु
श्
कि
लें
ढल
जा
एं
गी,
बस
तू
थो
ड़ा
सब्
र
कर।
समस्
या
कि
तनी
भी
गहरी
हो,
उसका
अं
त
छु
पा
हो
ता
है,
जै
से
हर
का
ली
रा
त
के
पी
छे,
एक
सवे
रा
उगा
हो
ता
है,
उलझनों
के
जं
गलों
में,
धी
र
धरकर
चलना
सी
ख,
समा
धा
न
का
सि
रा
वहीँ
है,
बस
नज़
र
बदलकर
दे
खना
सी
ख।
उम्
मी
द
है
तो
जी
त
है,
ये
जा
न
ले
तू
भा
ई,
ते
री
मे
हनत
की
आग
ने,
नई
सु
बह
है
ला
ई,
उम्
मी
द
है
तो
जी
त
है,
तू
खु
द
पे
यकी
न
कर,
मु
श्
कि
लें
ढल
जा
एं
गी,
बस
तू
थो
ड़ा
सब्
र
कर।
कहाँ
तक
तू
डरे
गा,
तू
फा
नों
से
लड़
ना
है,
तु
झे
अपनी
मं
ज़ि
ल
की,
ऊं
चा
इयों
को
छू
ना
है,
धू
म
मचा
दे
तू,
अपने
हौ
सलों
की
उड़ा
न
से,
ज़
मा
ना
भी
दे
खे
गा,
ते
रे
का
म
की
पहचा
न
से।
थकना
मना
है
अब,
तू
खु
द
की
पहचा
न
बना,
उम्
मी
द
का
दा
मन
था
म,
तू
नया
आसमा
न
बना,
ज़ि
द
है
अगर
दि
ल
में,
तो
पत्
थर
भी
पि
घलें
गे,
ते
रे
रा
स्
ते
के
काँ
टे,
कल
फू
लों
में
बदलें
गे।
उम्
मी
द
है
तो
जी
त
है,
ये
जा
न
ले
तू
भा
ई,
ते
री
मे
हनत
की
आग
ने,
नई
सु
बह
है
ला
ई,
उम्
मी
द
है
तो
जी
त
है,
तू
खु
द
पे
यकी
न
कर,
मु
श्
कि
लें
ढल
जा
एं
गी,
बस
तू
थो
ड़ा
सब्
र
कर।
क्
या
बा
त,
जी
त
ते
री
है,
उम्
मी
द
की
ये
लौ,
कभी
न
बु
झे
गी,
तू
चलता
जा,
तू
बढ़
ता
जा,
उम्
मी
द
की
कि
रण,
अब
सा
थ
है।