[male
vocals] (
हल्
का
सं
गी
त,
एक
धु
न
जो
वि
श्
वा
स
जगा
ती
है)
समय
आ
गया
है,
समय
बदल
रहा
है
सु
नो
ला
मू
की
पु
का
र,
सु
नो
जनता
की
आवा
ज़
मा
रु
बू
का
ना
म
है,
ला
मू
की
शा
न
है
सच्
चा
ई
के
रा
स्
ते
पर,
अडि
ग
उनका
ध्
या
न
है
न
को
ई
ढों
ग
है,
न
दि
खा
वे
की
बा
त
है
जनता
की
से
वा
ही,
उनका
जज्
बा
त
है
यु
वा
ओं
के
सपने,
उनके
मन
में
बसे
हैं
महि
ला
एं
आज
आगे,
उनके
सा
थ
खड़े
हैं
शि
क्
षा
की
ज्
यो
ति
जला
ई,
अं
धे
रा
मि
टा
या
है
गरी
ब
बच्
चों
को
उन्
हों
ने,
उम्
मी
द
दि
ला
या
है
मा
रु
बू
को
जि
ता
ना
है,
ला
मू
को
बचा
ना
है
सी
ने
ट
में
भे
जकर,
वि
का
स
को
बु
ला
ना
है 2027
का
वा
दा,
अब
पू
रा
करना
है
मा
रु
बू
ही
ने
ता,
ये
ला
मू
का
कहना
है
मा
रु
बू
ही
ने
ता,
ये
ला
मू
का
कहना
है
एनजी
एएएफ (
NGAAF)
का
सा
थ,
बदला
व
की
शु
रु
आत
सड़
कों
का
जा
ल
बि
छा,
हर
घर
में
है
बा
त
हिं
दी
और
सफि
रि
सि,
अब
पक्
की
हो
गई
वि
का
स
की
लहरें,
हर
गली
में
बह
गई
कि
स्
सा
नहीं
ये
सच्
चा
ई,
का
म
से
सा
बि
त
है
मा
रु
बू
की
नी
यत,
दे
खो
कि
तनी
वा
कि
फ
है
सपनों
को
हकी
कत
में,
बदलने
का
हु
नर
है
उनकी
मे
हनत
में
ही,
ला
मू
का
असर
है
मा
रु
बू
को
जि
ता
ना
है,
ला
मू
को
बचा
ना
है
सी
ने
ट
में
भे
जकर,
वि
का
स
को
बु
ला
ना
है 2027
का
वा
दा,
अब
पू
रा
करना
है
मा
रु
बू
ही
ने
ता,
ये
ला
मू
का
कहना
है
मा
रु
बू
ही
ने
ता,
ये
ला
मू
का
कहना
है
न
को
ई
भे
दभा
व,
न
को
ई
जु
मले
बा
जी
है
का
म
करने
वा
ली,
सा
फ-सु
थरी
ये
बा
जी
है
सब
मि
लकर
बो
ले,
अब
मा
रु
बू
के
सा
थ
चलो
لامू
के
गौ
रव
के,
हर
एक
पथ
पर
चलो
आने
वा
ले
कल
के,
सू
त्
रधा
र
वही
हैं
मु
सी
बत
के
समय
के,
मददगा
र
वही
हैं
पू
रा
ला
मू
आज,
एक
स्
वर
में
गा
ता
है
मा
रु
बू
का
ना
म
ही,
अब
सबको
सु
हा
ता
है
घर-घर
की
आवा
ज,
अब
सी
ने
ट
तक
जा
एगी
मा
रु
बू
की
जी
त
ही,
खु
शहा
ली
ला
एगी
मा
रु
बू
को
जि
ता
ना
है,
ला
मू
को
बचा
ना
है
सी
ने
ट
में
भे
जकर,
वि
का
स
को
बु
ला
ना
है 2027
का
वा
दा,
अब
पू
रा
करना
है
मा
रु
बू
ही
ने
ता,
ये
ला
मू
का
कहना
है
मा
रु
बू
ही
ने
ता,
ये
ला
मू
का
कहना
है
आगे
बढ़ो
ला
मू,
मा
रु
बू
के
सा
थ
वि
का
स
की
मं
जि
ल,
अब
अपने
हा
थ
मा
रु
बू...
सी
ने
ट
की
शा
न
हमा
रा
ने
ता,
हमा
री
पहचा
न (
हल्
का
सं
गी
त,
एक
धु
न
जो
वि
श्
वा
स
जगा
ती
है)
समय
आ
गया
है,
समय
बदल
रहा
है