A song made by 💖💖mehrab💖💖
A song made by 💖💖mehrab💖💖
अकेला चला हूँ, अकेले ही पहुँचूँगा
दुनिया के रस्ते हैं मुश्किल कई
पर मेरा इरादा है सबसे जुदा, ओये
जो भी मिले मुझको, मंज़िल मेरी
अकेले ही पाऊँगा, ये है मेरी सदा
कोई साथ दे या न दे, परवाह नहीं
खुद पे है भरोसा, और कोई नहीं
मेरी उड़ान है ऊँची, आसमान भी छोटा है
मैं ही हूँ अपना राही, मैं ही हूँ अपना हमसफ़र
अकेला शेर हूँ मैं, दहाड़ मेरी है सबकी जुबान पर
कोई न रोके, कोई न टोके, ये जुनून है मेरा, क्या बात!
गिर के उठना, फिर से आगे बढ़ना है
हर इम्तिहान से मैंने ही तो लड़ना है
आँखों में सपने हैं, दिल में आग है
ना डरता हूँ, ना रुकता हूँ, ये मेरी रीत है
अंधेरों में भी मैं अपना रास्ता बनाऊँगा
हर चुनौती को पार कर के दिखाऊँगा, dhoom!
मेरी उड़ान है ऊँची, आसमान भी छोटा है
मैं ही हूँ अपना राही, मैं ही हूँ अपना हमसफ़र
अकेला शेर हूँ मैं, दहाड़ मेरी है सबकी जुबान पर
कोई न रोके, कोई न टोके, ये जुनून है मेरा, क्या बात!
अकेला चला हूँ, मेरी ही मंज़िल, let's go!
बस आगे बढ़ना है, हाँ ये मेरी जीत है!