A song made by Sintu
A song made by Sintu
मुझे अपना बना कर रख लेना, लक्ष्मी तुम अपने ही दिल में (oye!)
मैं और किसी को ना देखूँ, अब इस सारे त्रिभुवन में (kya baat!)
मुझे अपना बना कर रख लेना, लक्ष्मी तुम अपने ही दिल में
मैं और किसी को ना देखूँ, अब इस सारे त्रिभुवन में
बड़ी आस लगा कर आया हूँ, तेरे दर पे ओ मेरी प्रियतम
तेरे दर्शन की अभिलाषा है, इस व्याकुल मन के आँगन में
जैसे स्वर वीणा में बसते हैं, जैसे राग बसे हों सरगम में
वैसे तुम मुझमें बस जाना, ओ लक्ष्मी मेरे इस मन में (hai!)
मुझे अपना बना कर रख लेना, लक्ष्मी तुम अपने ही दिल में
मैं और किसी को ना देखूँ, अब इस सारे त्रिभुवन में
तुम रूप हो साक्षात श्रद्धा का, तुम में ही बसते प्राण मेरे
इस सिंटू के खाली जीवन में, तुम ही हो अब अरमान मेरे (oh ho!)
दुनिया की हमें परवाह नहीं, बस हाथ तुम्हारा हाथों में
बीते ये उमर की सारी घड़ियाँ, तेरी पावन सी बातों में
मुझे अपना बना कर रख लेना, लक्ष्मी तुम अपने ही दिल में
मैं और किसी को ना देखूँ, अब इस सारे त्रिभुवन में
सिंटू का है विश्वास तुम्हीं, इस दुनिया के बंधन में (let's go!)
मुझे अपना बना कर रख लेना, लक्ष्मी अपने ही दिल में