[male
vocals] (
Sitar
melody
fades
in
softly)
Yaar...
zindagi
mein
kuch
rishte
aise
hote
hain
Jahan
alfaz
kam
pad
jaate
hain
Bas
ehsaas
baaki
rehta
hai
काँ
च
के
दा
यरे
हैं,
पहरे
हज़ा
र
हैं
फि
र
भी
इस
दि
ल
को
सि
र्
फ़
तु
मसे
ही
प्
या
र
है
ज़
मा
ने
की
नज़
रों
में
एक
गु
ना
ह
है
ये
पर
मे
री
रू
ह
का
एकलौ
ता
सु
कू
न
भी
तू
या
र
है
उसे
पा
ना
भी
है,
दु
नि
या
से
छु
पा
ना
भी
है
एक
अजी
ब
सी
कश्
मकश
में
उलझी
है
ज़िं
दगी
तु
झे
अपना
बना
कर
इस
जग
से
चु
रा
ना
भी
है
ओ
मे
रे
हमसफ़
र,
तु
झे
अपना
बना
ना
है
ना
हक़
से
ते
रा
हा
थ
था
म
सकते
हैं
ना
सरे
आम
ते
रा
ना
म
ले
सकते
हैं
बस
नि
गा
हों
ही
नि
गा
हों
में
बा
तें
हो
ती
हैं
हम
ख़ा
मो
शी
से
मो
हब्
बत
का
जा
म
पी
ते
हैं
उसे
पा
ना
भी
है,
दु
नि
या
से
छु
पा
ना
भी
है
एक
अजी
ब
सी
कश्
मकश
में
उलझी
है
ज़िं
दगी
तु
झे
अपना
बना
कर
इस
जग
से
चु
रा
ना
भी
है
ओ
मे
रे
हमसफ़
र,
तु
झे
अपना
बना
ना
है
तू
वो
हसरत
है
जि
से
खो
नहीं
सकते
और
ज़
मा
ने
के
डर
से
खु
ले
आम
रो
नहीं
सकते
बं
दि
शें
चा
हे
कि
तनी
भी
ऊँ
ची
दी
वा
रें
चु
न
दें
हम
वो
परिं
दे
हैं
जो
दि
ल
से
कभी
जु
दा
हो
नहीं
सकते
धड़
कनों
में
बस
ते
री
ही
आवा
ज़
है
तू
ही
मे
री
इबा
दत,
तू
ही
मे
रा
रा
ज़
है
ये
फा
सले
ये
दी
वा
रें
सब
गि
र
जा
एँ
गी
जब
मे
री
रू
ह
में
सि
र्
फ
ते
रा
सा
ज़
है
उसे
पा
ना
भी
है,
दु
नि
या
से
छु
पा
ना
भी
है
एक
अजी
ब
सी
कश्
मकश
में
उलझी
है
ज़िं
दगी
तु
झे
अपना
बना
कर
इस
जग
से
चु
रा
ना
भी
है
ओ
मे
रे
हमसफ़
र,
तु
झे
अपना
बना
ना
है
तु
झे
अपना
बना
ना
है,
या
र...
मे
री
रू
ह
का
सु
कू
न,
तू
ही
है (
Sitar
fade
out
with
gentle
tabla
beat)
Chakde,
pyaar
hai...