A song made by J
A song made by J
मुंबई की गलियों में, हाँ, एक साया चुप सा
जहाँ हर साँस में कहानी, हर दिल में छुपा राज़
जयेश ‘जिगर’ है नाम, दस जुलाई का जनम, येह
चॉल की वो दीवारें, जहाँ धड़कने भी कम
आँखों में गहरा समंदर, बातें लबों पे मौन
माँ-बाप का प्यार, सच है, यही मेरा कौन
अंदर ही अंदर तूफान, बाहर है ये ठहराव
जयेश का मन मंदिर, रिश्तों का गहरा भाव
ये जिगर की दास्तान, मुंबई की जुबानी, निश्चय
अनकहे जज़्बात, हाँ, आँखें भी पानी
बहन का वो गम, दिल में बसा है गहरा, देखो
रिश्तों की तपिश में, वो है अकेला चेहरा
बहनों का प्यार, भांजे की वो हंसी, येह
एक तारा टूटा था, रातें थीं सूनी सी
वो खालीपन आज भी, घेरे है मन को, सच है
यादें जैसे धुँध, छूती हैं हर कण को
पर हर दर्द के बाद, एक उम्मीद जगाता
जीने की वजह, वो चुपचाप सिखाता
ये जिगर की दास्तान, मुंबई की जुबानी, निश्चय
अनकहे जज़्बात, हाँ, आँखें भी पानी
बहन का वो गम, दिल में बसा है गहरा, देखो
रिश्तों की तपिश में, वो है अकेला चेहरा
जिगर की आवाज़, जो दिल से निकली, हाँ
खामोशी में भी, एक दुनिया दिखती