[male vocals] बि
न
बो
ले
जो
समझ
लि
या,
वही
तो
है
साँ
च
इश्
क,
सु
भा
न
अल्
ला
ह,
या
मौ
ला,
वही
तो
है
साँ
च
इश्
क।
बि
न
बो
ले
जो
समझ
लि
या,
उस
प्
रे
म
से
बढ़
कर
अर्
थ
नहीं,
ज़ा
हि
र
कर
दी
हर
एक
बा
त,
फि
र
आँ
खों
का
सा
मर्
थ्
य
नहीं।
साँ
सों
की
सरगम
में
घु
लती,
ये
अनकही
एक
दा
स्
ता
न
है,
बि
न
लफ्
जों
के
भी
समझ
में
आए,
ये
इश्
क
कि
तना
महा
न
है।
हा
आ!
या
अल्
ला
ह!
बि
न
बो
ले
प्
रे
म
यशस्
वी,
बो
ल
दि
या
तो
अर्
थ
नहीं,
प्
या
र
वही
सच्
चा
है
जि
समें
मि
लना
को
ई
शर्
त
नहीं।
बि
न
बो
ले
प्
रे
म
यशस्
वी,
बो
ल
दि
या
तो
अर्
थ
नहीं,
प्
या
र
वही
सच्
चा
है
जि
समें
मि
लना
को
ई
शर्
त
नहीं।
प्
या
र
वही
जो
साँ
च
लगे,
जि
समें
पा
ना
को
ई
शर्
त
नहीं,
मि
लना
-बि
छु
ड़
ना
तो
री
त
हु
ई,
सच्
चा
अनु
रा
ग
व्
यर्
थ
नहीं।
आँ
खों
के
आईने
में
दे
खो,
रू
ह
की
परछा
ईं
दि
खे
गी,
बि
ना
कि
सी
वा
दे
के
भी,
ये
वफा
हमे
शा
टि
के
गी।
दम
दम!
या
मौ
ला!
बि
न
बो
ले
प्
रे
म
यशस्
वी,
बो
ल
दि
या
तो
अर्
थ
नहीं,
प्
या
र
वही
सच्
चा
है
जि
समें
मि
लना
को
ई
शर्
त
नहीं।
बि
न
बो
ले
प्
रे
म
यशस्
वी,
बो
ल
दि
या
तो
अर्
थ
नहीं,
प्
या
र
वही
सच्
चा
है
जि
समें
मि
लना
को
ई
शर्
त
नहीं।
न
ख़्
वा
हि
श
को
ई,
न
को
ई
माँ
ग,
न
ही
बं
धन
का
को
ई
भा
र,
दू
री
में
भी
जो
पा
स
रहे,
बस
वही
है
पा
वन,
सच्
चा
प्
या
र।
वा
ह!
सु
भा
न
अल्
ला
ह!
जहाँ
शब्
दों
की
सी
मा
मि
टती,
वहीं
से
रा
हें
खु
लती
हैं,
बि
न
बो
ले
भी
रू
हें
आपस
में,
गु
पचु
प
बा
तें
करती
हैं।
नयनों
की
भा
षा
में
सि
मटी,
एक
अनकही
सी
इबा
दत
है,
तू
मि
ल
जा
ए
जो
बि
न
मां
गे,
यही
तो
मे
री
आदत
है।
बि
न
बो
ले
प्
रे
म
यशस्
वी,
बो
ल
दि
या
तो
अर्
थ
नहीं,
प्
या
र
वही
सच्
चा
है
जि
समें
मि
लना
को
ई
शर्
त
नहीं।
बि
न
बो
ले
प्
रे
म
यशस्
वी,
बो
ल
दि
या
तो
अर्
थ
नहीं,
प्
या
र
वही
सच्
चा
है
जि
समें
मि
लना
को
ई
शर्
त
नहीं।
बि
न
बो
ले
समझ
लि
या,
बि
न
बो
ले
जा
न
लि
या,
इश्
क
का
ये
अर्
थ
हमने,
बि
न
बो
ले
मा
न
लि
या।
या
मौ
ला,
या
मौ
ला,
सु
भा
न
अल्
ला
ह।