[male vocals] ओह
हो,
सु
न
ना
खा
मो
शि
याँ
बे
करा
र
हैं...
खा
मो
शि
याँ
बे
करा
र
हैं,
दी
वा
रों
पर
सन्
ना
टा
पसरा
है
ज़
मा
ना
आगे
नि
कल
गया
शा
यद,
पर
मे
रा
समय
तो
वहीं
पर
ठहरा
है
वही
मो
ड़,
वही
शा
म
का
ढलना,
वही
रा
हें
जहाँ
से
तु
म
गु
ज़
रे
थे
घड़ि
यों
की
सु
इयाँ
चलती
रहीं,
पर
हम
वक्
त
के
पा
र
न
उधड़े
थे
ये
कै
सी
खा
मो
शी
है,
जो
दि
ल
में
बस
गई
है
ते
री
या
दों
की
महक,
सां
सों
में
रच
गई
है
ओह
हो,
क्
या
बा
त,
ये
अधू
री
कहा
नी
मे
री
खा
मो
शि
याँ
ची
खती
हैं,
हर
घड़ी
अब
ते
री
शो
र
बा
हर
बहु
त
है
हवा
ओं
में,
पर
अं
दर
एक
अजी
ब-सी
वी
रा
नी
है
जो
लफ़्
ज़
हो
ठों
तक
आकर
ठहर
गए,
बस
वही
मे
री
अधू
री
कहा
नी
है
दरा
ज़
में
रखी
वो
पु
रा
नी
चि
ट्
ठि
याँ,
अब
भी
वही
महक
बि
खे
रती
हैं
ये
खा
मो
शि
याँ
ची
खती
हैं
रा
तों
में,
और
ते
री
ही
बा
तें
मु
झसे
पू
छती
हैं
ये
कै
सी
खा
मो
शी
है,
जो
दि
ल
में
बस
गई
है
ते
री
या
दों
की
महक,
सां
सों
में
रच
गई
है
ओह
हो,
क्
या
बा
त,
ये
अधू
री
कहा
नी
मे
री
खा
मो
शि
याँ
ची
खती
हैं,
हर
घड़ी
अब
ते
री
लो
ग
कहते
हैं
आगे
बढ़
जा
ओ
अब
पर
कै
से
बदलूँ
मैं
मौ
सम
अपना?
जहाँ
छू
टा
था
ते
रा
हा
थ
कभी
वहीं
काँ
च-सा
बि
खरा
है
हर
सपना
हा
य,
ये
तन्
हा
ई,
ये
जु
दा
ई,
dhoom
ठहरी
हु
ई
आँ
खों
में,
अक्
स
ते
रा
ही
रहता
है
दि
ल
का
हर
एक
को
ना,
ना
म
ते
रा
ही
कहता
है
ते
री
मौ
जू
दगी
का
एहसा
स,
अब
भी
है
बा
क़ी
ते
री
रा
हों
के
आगे,
मे
री
मं
ज़ि
ल
है
खा
की
ये
कै
सी
खा
मो
शी
है,
जो
दि
ल
में
बस
गई
है
ते
री
या
दों
की
महक,
सां
सों
में
रच
गई
है
ओह
हो,
क्
या
बा
त,
ये
अधू
री
कहा
नी
मे
री
खा
मो
शि
याँ
ची
खती
हैं,
हर
घड़ी
अब
ते
री
खा
मो
शि
याँ
बे
करा
र
हैं...
मे
रा
समय
तो
वहीं
पर
ठहरा
है
ते
री
ही
बा
तें,
बस
ते
री
ही
बा
तें...
खा
मो
शी...
खा
मो
शी...