[female vocals] ओह
हो,
कहीं
भी
रहूँ,
तू
पा
स
है
मैं
जहाँ
भी
रहूँ,
कहीं
भी
रहूँ,
ते
री
या
द
सा
थ
है
भले
ही
फा
सले
हों
हज़ा
र,
पर
तू
मे
रे
हर
अहसा
स
के
पा
स
है
सफ़
र
में
चलते
-चलते
जब
भी
पाँ
व
थकने
लगते
हैं
ते
री
मी
ठी
बा
तों
का
मरहम,
हर
दर्
द
मि
टा
जा
ता
है
हाँ,
ये
रू
ह
का
बं
धन
है,
तू
पा
स
है
ते
री
या
द
का
सा
या,
हर
पल
मे
रे
सा
थ
चले
चा
हे
शहर
बदल
जा
एँ,
मौ
सम
सा
रे
ढल
जा
एँ
ते
री
मौ
जू
दगी
का
अहसा
स
कभी
हो
ता
नहीं
है
कम
मे
रे
दि
ल
की
धड़
कन
में,
बस
तू
ही
तू
शा
मि
ल
है
है,
तू
ही
तो
मे
री
मं
जि
ल
है
भी
ड़
की
चहल-पहल
में
भी
जब
तन्
हा
ई
घे
र
ले
ती
है
ते
री
या
दों
की
एक
हल्
की
सी
दस्
तखत,
हर
ग़
म
भु
ला
दे
ती
है
दि
न
के
उजा
ले
में
जब
दु
नि
या
के
का
मों
में
खो
जा
ता
हूँ
अं
जा
न
रा
हों
पर
जब
मु
सा
फ़ि
र
बनके
आगे
बढ़
ता
हूँ
क्
या
बा
त
है,
ते
री
या
दें
ही
सहा
रा
हैं
ते
री
या
द
का
सा
या,
हर
पल
मे
रे
सा
थ
चले
चा
हे
शहर
बदल
जा
एँ,
मौ
सम
सा
रे
ढल
जा
एँ
ते
री
मौ
जू
दगी
का
अहसा
स
कभी
हो
ता
नहीं
है
कम
मे
रे
दि
ल
की
धड़
कन
में,
बस
तू
ही
तू
शा
मि
ल
है
है,
तू
ही
तो
मे
री
मं
जि
ल
है
अचा
नक
हवा
का
एक
झों
का
जब
ज़ु
ल्
फ़ों
को
छू
कर
गु
ज़
रता
है
ऐसा
लगता
है
जै
से
तू
ने
चु
पके
से
मे
रा
ना
म
पु
का
रा
है
ये
फि
जा
एं
भी
गवा
ह
हैं,
मे
री
तड़
प
की
ते
री
साँ
सों
की
महक,
अब
भी
इस
दि
ल
में
है
कभी
सड़
कों
की
खा
मो
शी
में,
कभी
ढलती
हु
ई
शा
मों
में
ते
रा
चे
हरा
उभर
आता
है,
इन
नज़
रों
के
जा
मों
में
फा
सले
बस
ना
म
के
हैं,
हम
तो
रू
हों
से
जु
ड़े
हैं
ते
री
वफा
ओं
के
सा
ये
में,
हम
खु
द
से
भी
आगे
बढ़े
हैं
सु
न
ना,
ये
इबा
दत
है
मे
री
ते
री
या
द
का
सा
या,
हर
पल
मे
रे
सा
थ
चले
चा
हे
शहर
बदल
जा
एँ,
मौ
सम
सा
रे
ढल
जा
एँ
ते
री
मौ
जू
दगी
का
अहसा
स
कभी
हो
ता
नहीं
है
कम
मे
रे
दि
ल
की
धड़
कन
में,
बस
तू
ही
तू
शा
मि
ल
है
है,
तू
ही
तो
मे
री
मं
जि
ल
है
कहीं
भी
रहूँ,
बस
तू
है
पा
स
मे
रे
ते
री
या
दों
के
सहा
रे,
कट
जा
ते
हैं
दि
न
मे
रे
दू
री
सि
र्
फ
फा
सला
है,
रू
ह
तो
पा
स
है
ओह
हो,
तू
मे
रे
पा
स
है