(हल्की गूंजती ताल, ढोलक की लय)
लामु की पुकार, सबकी ये आवाज
मारुबू, हमारा नया आगाज
लामु की गलियों में गूंज रही है बात
मारुबू भाई, आप ही का है साथ
किसी की देखा-देखी नहीं, अपना काम है किया
जरूरतमंदों को आपने सहारा दिया
युवाओं की आँखों में आपने सपना जगाया
अंधेरे रास्तों को आपने रोशनी से सजाया
मेहनत की नींव पर जो इमारत खड़ी है
जनता की दुआएं आज आपके लिए खड़ी है
मारुबू को जिताएंगे, सीनेट में भेजेंगे
लामु की उन्नति की नई राह देखेंगे
मारुबू को जिताएंगे, सीनेट में भेजेंगे
2027 में जीत का ये बिगुल बजाएंगे
शिक्षा की अलख जगाई, एनजीएएएफ का साथ
गरीब छात्रों के सिर पर, आपका ही हाथ
स्कूलों में रौनक आई, किताबें सबके पास
आपने तो पूरी की, हर बच्चे की आस
न सड़कें, न साधन, जो कल तक था अधूरा
वो विकास का वादा, आपने किया पूरा
हिंदी की सड़कों पर, विकास का नाम
मारुबू के होने से, सफल हुए सब काम
मारुबू को जिताएंगे, सीनेट में भेजेंगे
लामु की उन्नति की नई राह देखेंगे
मारुबू को जिताएंगे, सीनेट में भेजेंगे
2027 में जीत का ये बिगुल बजाएंगे
न कोई बहाना, न कोई झूठा दिखावा
जनता की सेवा ही, आपका है बुलावा
इकलोवे से लेकर हर कोना है मुस्कुराता
आपका ही नाम, हर जुबान पर है आता
मारुबू को जिताएंगे, सीनेट में भेजेंगे
लामु की उन्नति की नई राह देखेंगे
मारुबू को जिताएंगे, सीनेट में भेजेंगे
2027 में जीत का ये बिगुल बजाएंगे
आगे बढ़ो मारुबू, हम आपके साथ हैं
लामु की तरक्की, आपके ही हाथ है
सीनेट की ओर, बढ़ते चलो भाई
सबकी दुआएं, आपके साथ आई
मारुबू, मारुबू, हमारा नेता
विकास का असली, सच्चा ये रचयिता
(ताल धीरे-धीरे शांत होती है)