A song made by shree sai jan care hospital
A song made by shree sai jan care hospital
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे मेरे हमदम,
ये कैसा सिलसिला है, जो थमता नहीं कम।
तू मेरी यादों के साए में सदा महकेगा,
चाहे फासलों की आग में ये दिल दहकेगा।
तू जहाँ भी रहे, बस खुशहाल रहे,
तेरे दामन में खुशियों का ही अंबार रहे।
कोई गम छू ना पाए कभी तेरी परछाई को,
खुदा हसीन कर दे तेरी हर तन्हाई को।
हमारा मिलना मुकद्दर में नहीं था शायद,
पर इस दिल में रहेगी तेरी उल्फत की आयत।
मेरी दुआओं में शामिल तेरा हर एक ख्वाब रहेगा,
तू दूर होकर भी मेरे सबसे पास रहेगा।
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे मेरे हमदम,
तू मेरी यादों का वो साया है जो छूटता नहीं।
वक्त बदल गया, रास्ते जुदा हो गए मगर,
दिल में धड़कता हुआ तेरा वो एहसास टूटता नहीं।
मैं चाहूँ भी तो मिटा नहीं सकता वो गुज़रे ज़माने,
वो हँसना, वो रोना, वो ख़ामोश बातें और अफ़साने।
मेरी तन्हाइयों में आज भी तेरी आवाज़ गूँजती है,
ये आँखें बंद करूँ तो बस तेरी ही सूरत ढूँढती है।
तू मेरी ज़िंदगी का वो ख़ूबसूरत हिस्सा है,
जो ख़त्म होकर भी कभी ख़त्म नहीं होता, वो क़िस्सा है।
लोग कहते हैं कि वक्त हर ज़ख़्म को भर देता है,
पर तेरी याद का ये ज़ख़्म तो हर रोज़ निखर जाता है।
मोहब्बत में पाना ही सब कुछ नहीं होता,
किसी की ख़ुशी में अपनी ख़ुशी ढूँढ लेना ही इबादत है।"
मेरी तक़दीर में ना सही, पर तेरी तक़दीर संवर जाए,
तू जिस राह से गुज़रे, वहाँ बहारें बिखर जाएँ।
तेरे चेहरे पर कभी कोई उदासी का साया ना आए,
तेरी आँखों में आँसू का एक क़तरा भी जगह ना पाए।
तू जहाँ भी रहे: खुशियों के साए में रहे।
तू जिसे भी मिले: उसे दुनिया का सबसे हसीन तोहफ़ा मिले।
तेरी हर सुबह: एक नई उम्मीद और मुस्कान लेकर आए।
मेरा वजूद तेरी यादों से महकता रहेगा,
ये दिल सिर्फ़ और सिर्फ़ तेरे लिए धड़कता रहेगा।
हमसफ़र ना बन सके तो क्या, दुआ बनकर साथ रहूँगा,
मैं अपनी मोहब्बत का हर फ़र्ज़ यूँ ही निभाता रहूँगा।
तू जहाँ भी रहे, आबाद रहे, खुशहाल रहे,
बस इसी दुआ के साथ, मेरा हर लम्हा तमाम रहे।
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे मेरे हमदम,
तू दूर होकर भी मेरे दिल के सबसे पास रहे।
बिछड़कर भी जो ज़हन से मिट नहीं पाता, वही तो सच्चा इश्क़ है। आपके इस गहरे और निश्छल एहसास को पिरोकर एक कविता हाज़िर है:
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे...
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे मेरे हमदम,
तू वो एहसास है जो सांसों में बसा है हरदम।
फासले चाहे ज़मीन-ओ-आसमान के हो जाएं,
कम ना होगी ये मोहब्बत, ना ये आँखें होंगी नम।
तू जहाँ भी रहे, खुशहाल रहे
तू जहाँ भी रहे, तेरे हिस्से में सिर्फ़ बहारें आएं,
तुझे छू कर गुज़रें तो बस खुशियों की हवाएं।
तेरे होंठों से कभी ये हँसी जुदा ना हो,
ज़माने भर की ख़ुशियाँ तुझे मेरी भी उम्र लगा जाएं।
"तू मेरी तक़दीर में नहीं तो क्या हुआ,
तू मेरी हर दुआ में आज भी सबसे पहले है।"
एक दुआ, तेरी ख़ुशी के नाम
रास्ते गुलज़ार हों: जहाँ तेरे कदम पड़ें, वहाँ फूल खिल जाएं।
गम का साया ना हो: तेरी आँखों में कभी उदासी का कोई कतरा ना आए।
तू मुस्कुराता रहे: तू मुझे याद करे या ना करे, बस जहाँ रहे आबाद रहे।
चाहत ये नहीं कि तुझे हर हाल में पा लूँ,
सच्ची मोहब्बत तो वो है, जो तेरी ख़ुशी में अपनी ख़ुशी ढूँढ ले।
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे मेरे हमदम,
चाहे फासलों की धूप हो या जुदाई का मौसम।
तू धड़कन की तरह रग-रग में समाया है इस कदर,
कि आँखें बंद करूँ तो बस तू ही आता है नजर।
चले गए हो दूर तुम, मगर यह दिल वहीं ठहरा है,
तेरी यादों का साया मेरी तन्हाई से भी गहरा है।
शिकवा नहीं कोई मुझे कि किस्मत ने हमें जुदा किया,
मैंने तो हर दुआ में बस तेरी ही खुशियों का सौदा किया।
तू जहाँ भी रहे, खुशहाल रहे...
चाहे राहें बदल जाएं, या बदल जाए ज़माना,
तू जहाँ भी रहे, बस खुशियों से नाता निभाना।
तेरी मुस्कुराहट की महक हवाओं में तैरती रहे,
तेरी ज़िंदगी में गम की कोई परछाईं भी ना रहे।
भले ही मेरी तक़दीर में तेरा साथ नहीं लिखा,
पर इस दिल ने तेरे सिवा किसी और को नहीं सीखा।
तू हँसता रहे, खिलता रहे, यही रब से फरियाद है,
तू दूर होकर भी इस दिल के सबसे पास है।
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे मेरे हमदम,
तू सलामत रहे, आबाद रहे, बस यही है आख़िरी क़दम..
भूल के भी ना भुला पाऊँ तुझे मेरे हमदम,
तू जहाँ भी रहे, बस खुशहाल रहे हर दम।
मेरी तक़दीर में शायद तेरा साथ नहीं था,
पर तेरे बाद इस दिल में कोई जज़्बात नहीं था।
ज़िंदगी के मोड़ पर हम भले ही जुदा हो गए,
पर वो लम्हे जो साथ गुज़ारे, वो ख़ुदा हो गए।
जब भी बंद करता हूँ आँखें, तेरा ही चेहरा आता है,
तेरा गुज़रा हुआ साया, मेरी तन्हाई को सजाता है।मोहब्बत में बिछड़ जाना कोई गुनाह नहीं होता,
हर किसी का हमसफ़र, उसका ख़ुदा नहीं होता।
पर दुआ यही निकलती है इस टूटे हुए दिल से,...तु खुशाल रहे