[male
vocals] (
Soft
acoustic
guitar
melody
with
gentle
violin
swells) (
Humming
melody)
सपु
ता
रा
की
उन
वा
दि
यों
में,
सु
मि
त
और
सु
मन
का
सा
थ
था
बा
दलों
की
वो
ओट
में,
भी
गा
-भी
गा
सा
अहसा
स
था
पहा
ड़ों
पर
वो
बा
रि
श
की
बूं
दें,
जै
से
को
ई
पु
रा
ना
रा
ग
सु
ना
ती
ते
री
हं
सी
की
खनक
हवा
ओं
में,
एक
अलग
ही
सु
कू
न
दे
जा
ती
वो
सपु
ता
रा
की
या
दें,
वो
सु
हा
नी
सी
बरसा
त
बच्
चों
की
मस्
ती
और
हा
थों
में
ते
रा
हा
थ
कि
यां
श
और
नि
यति
की
वो
प्
या
री
सी
मु
स्
का
न
खु
शि
यों
से
भर
गया
था,
अपना
ये
जहा
न
नि
यति
ढूं
ढती
थी
इं
द्
रधनु
ष,
अपनी
मा
सू
म
सी
नजरों
से
हर
तरफ
सु
मन
तु
म्
हा
री
वो
चिं
ता,
बच्
चों
को
सं
वा
रने
की
हर
अदा
इस
सफर
में
मि
ल
गई
जै
से,
मु
झे
रब
की
एक
बड़ी
दु
आ
वो
सपु
ता
रा
की
या
दें,
वो
सु
हा
नी
सी
बरसा
त
बच्
चों
की
मस्
ती
और
हा
थों
में
ते
रा
हा
थ
कि
यां
श
और
नि
यति
की
वो
प्
या
री
सी
मु
स्
का
न
खु
शि
यों
से
भर
गया
था,
अपना
ये
जहा
न
वो
धुं
ध
से
लि
पटे
पहा
ड़,
वो
चा
य
का
वो
धु
आं
हर
पल
लगा
जै
से
ठहर
गया
है,
ये
सा
रा
जहाँ
ना
को
ई
जल्
दबा
जी,
ना
को
ई
शो
र
था
सा
थ
थे
हम
चा
रों,
बस
यही
सबसे
बड़ा
दौ
र
था
वा
पस
लौ
टते
हु
ए
उन
रा
स्
तों
में,
जहन
में
वही
या
दें
सजा
ली
सु
मन
तु
म्
हा
री
उन
बा
तों
में,
पू
री
दु
नि
या
की
खु
शि
यां
पा
ली
पहा
ड़ों
की
वो
बा
रि
श,
वो
बच्
चों
का
वो
शो
र
आज
भी
दि
ल
में
बजता
है,
उन
पलों
का
को
ई
प्
या
रा
सा
को
र
वो
सपु
ता
रा
की
या
दें,
वो
सु
हा
नी
सी
बरसा
त
बच्
चों
की
मस्
ती
और
हा
थों
में
ते
रा
हा
थ
कि
यां
श
और
नि
यति
की
वो
प्
या
री
सी
मु
स्
का
न
खु
शि
यों
से
भर
गया
था,
अपना
ये
जहा
न
सपु
ता
रा
की
वो
शा
में,
हमे
शा
रहें
गी
या
द
तु
म
हो
पा
स
मे
रे,
और
क्
या
चा
हि
ए
मे
रे
बा
द (
Music
fades
out
with
gentle
violin)
बस
हम,
और
ये
प्
या
री
सी
या
दें... (
Fade
out)