ओह
हो,
प्
या
री
बि
टि
या
घर
आई
रां
ची
की
हवा
ओं
में
खु
शि
यां
छा
ई
सा
त
दि
नों
की
छु
ट्
टी
ले
कर,
छो
टू
घर
को
आई
है
रां
ची
की
इन
गलि
यों
में
फि
र
से
रौ
नक
ला
ई
है
बु
आ
जी
सं
ग
हं
सी
-मजा
क,
मम्
मी
-पा
पा
का
है
प्
या
र
ओशी
न
दी
दी
के
सा
थ
में,
बी
ता
रही
है
खु
शि
यां
या
र
जा
न्
हवी
बि
टि
या
घर
में
आई,
दि
ल
ये
मे
रा
भर
आया
है
सबके
चे
हरे
खि
ले
हैं
दे
खो,
घर
में
नू
र
सा
छा
या
है
सु
न
ना,
तू
है
सबकी
जा
न,
खु
शि
यों
का
है
तू
आसमा
न
जा
न्
हवी
बि
टि
या
घर
में
आई,
दि
ल
ये
मे
रा
भर
आया
है
कल
शा
म
को
ट्
रे
न
चली
थी,
एसी
बो
गी
का
सफर
रहा
झा
रखं
ड
की
इन
वा
दि
यों
का,
हर
एक
लम्
हा
बे
खबर
रहा
खि
ड़की
से
उन
नज़ा
रों
को,
पलकों
में
उसने
कै
द
कि
या
सु
बह
हु
ई
जब
रां
ची
पहुँ
ची,
सा
रा
घर
ही
रश्
क
कि
या
जा
न्
हवी
बि
टि
या
घर
में
आई,
दि
ल
ये
मे
रा
भर
आया
है
सबके
चे
हरे
खि
ले
हैं
दे
खो,
घर
में
नू
र
सा
छा
या
है
सु
न
ना,
तू
है
सबकी
जा
न,
खु
शि
यों
का
है
तू
आसमा
न
जा
न्
हवी
बि
टि
या
घर
में
आई,
दि
ल
ये
मे
रा
भर
आया
है
पर
थो
ड़ी
सी
उदा
सी
है,
रि
द्
धि
मा
को
या
द
करती
है
की
ट
हॉ
स्
टल
में
है
वो,
पढ़ा
ई
की
बा
त
करती
है
रि
द्
धि
मा
का
भी
मन
था
आने
का,
पर
इम्
ति
हा
न
का
सा
या
है
बहनें
जु
दा
हैं
कु
छ
पल
को,
पर
प्
या
र
ही
सबसे
आया
है
ना
श्
ता
-पा
नी
कर
के
बि
टि
या,
आरा
म
अब
फरमा
रही
है
थकी
हु
ई
इन
आं
खों
में,
सपनों
की
रौ
नक
ला
रही
है
घर
की
हर
एक
ची
ज़
में
अब,
जा
न्
हवी
की
ही
बा
त
है
अपनों
के
इस
सा
थ
में
ही,
छि
पी
हर
सौ
गा
त
है
जा
न्
हवी
बि
टि
या
घर
में
आई,
दि
ल
ये
मे
रा
भर
आया
है
सबके
चे
हरे
खि
ले
हैं
दे
खो,
घर
में
नू
र
सा
छा
या
है
सु
न
ना,
तू
है
सबकी
जा
न,
खु
शि
यों
का
है
तू
आसमा
न
जा
न्
हवी
बि
टि
या
घर
में
आई,
दि
ल
ये
मे
रा
भर
आया
है
जा
न्
हवी
घर
आई
है,
खु
शि
यां
सा
थ
ला
ई
है
क्
या
बा
त
है,
बि
टि
या
घर
आई
है
दू
म
दू
म,
प्
या
र
बरसा
है,
जा
न्
हवी
घर
आई
है